Mohun Bagan ने ईरान जाने से इनकार किया और CAS पहुँचा - ACL विवाद की पूरी कहानी
परिचय
भारतीय फुटबॉल क्लब Mohun Bagan Super Giant ने ACL2 के लिए ईरान में नियोजित मैच खेलने से इनकार कर दिया है। क्लब ने स्पष्ट किया कि सुरक्षा चिंताओं और खिलाड़ियों के विरोध के चलते यह फैसला लिया गया है और अब मामला CAS (Court of Arbitration for Sport) के पास ले जाया जाएगा।
खबर का पृष्ठभूमि
Mohun Bagan का मुकाबला ईरानी क्लब Sepahan से होना था। मैच की तारीख करीब आते ही खबरें सामने आईं कि विदेशी खिलाड़ियों ने यात्रा पर आपत्ति जताई। कई देशों की सरकारों ने ईरान के हालात को देखते हुए अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की थी। इसी वजह से क्लब को सामूहिक रूप से कदम उठाना पड़ा।
खिलाड़ियों की सुरक्षा चिंता
टीम के छह विदेशी खिलाड़ियों ने स्पष्ट किया कि वे यात्रा नहीं करेंगे। क्लब प्रबंधन का कहना है कि सुरक्षा और खिलाड़ियों का भरोसा पहले है। उन्होंने कहा कि फुटबॉल का कोई भी मैच खिलाड़ियों की जान से बड़ा नहीं हो सकता।
Mehdi Taj (President of Iran Football Federation) :
— Mohun Bagan Hub (@MohunBaganHub) September 29, 2025
"Our country is safe. I feel sorry for Mohun Bagan team. Maybe they do not have money to come to Iran. This team should be fined and suspended" @Eri1806 pic.twitter.com/pCZFST0uQ0
AFC नियम और जोखिम
AFC के नियमों के अनुसार, यदि कोई टीम निर्धारित मैच में नहीं उतरती है तो तकनीकी हार, जुर्माना या प्रतियोगिता से बाहर किए जाने जैसे कदम उठाए जा सकते हैं। इससे Mohun Bagan को अंक तालिका और प्रतिष्ठा दोनों में नुकसान हो सकता है।
CAS में अपील
Mohun Bagan अब CAS में अपील कर रहा है ताकि वे साबित कर सकें कि उनका निर्णय उचित था। CAS यह तय करेगा कि क्या सुरक्षा कारणों को पर्याप्त आधार माना जा सकता है और क्या मैच का venue बदला जा सकता है।
“हम अपने खिलाड़ियों की सुरक्षा से समझौता नहीं करेंगे। CAS के सामने हम अपना पक्ष मजबूती से रखेंगे।” – Mohun Bagan प्रबंधन
संभावित परिणाम
- CAS यदि क्लब के पक्ष में जाता है तो मैच किसी neutral venue पर हो सकता है।
- यदि अपील खारिज होती है तो Mohun Bagan को हार और जुर्माना दोनों झेलने पड़ सकते हैं।
- यह फैसला भविष्य में अन्य क्लबों के लिए भी precedent बनेगा।
निष्कर्ष
Mohun Bagan का यह कदम भारतीय फुटबॉल में साहसिक माना जा रहा है। यह सिर्फ खेल नहीं बल्कि सुरक्षा, राजनीति और खेल-न्याय का संगम है। आने वाले समय में CAS का फैसला यह तय करेगा कि क्लब सही था या नहीं और इससे अन्य क्लबों की रणनीतियों पर भी असर पड़ेगा।
